Sunday, May 17, 2015

मेहंदीपुर बालाजी की एक सड़क यात्रा (A Road Trip to Mehndipur Balaji)

शनिवार, 20 जुलाई 2013

जून 2013 के पहले सप्ताह में हम 4 दोस्तों विश्वदीपक, विजय, मनीष और मेरा मेहंदीपुर बालाजी जाने का विचार बना ! दरअसल विचार तो विजय के मन में आया था, फिर जब उसने हमें बताया तो हम सब इस यात्रा पर चलने को तैयार हो गए ! आपसी सहमति से ये तय हुआ कि बालाजी की यात्रा जुलाई के प्रथम सप्ताह में की जाएगी ! इस यात्रा के बारे में सोच कर मैं भी काफ़ी उत्साहित था कि मेरी यात्राओं की फेहरिस्त में एक और यात्रा जुड़ जाएगी ! सबकुछ ठीक-ठाक चल रहा था फिर एकदम से जून के अंतिम सप्ताह में कुछ दूसरे दोस्तों के साथ घूमने के लिए आगरा चला गया ! आगरा की यात्रा एक दिन की ही थी, मतलब सुबह जाकर रात तक वापस आ जाना था, फिर रविवार का दिन होने के कारण मैं इस यात्रा पर चला ही गया ! आगरा से वापस आने के बाद फिर से जब बाकी लोगों से बालाजी जाने के बारे में पूछा तो एक-2 करके सभी लोग पीछे हट गए, विश्वदीपक और मनीष दोनों ने समय की कमी का हवाला देकर अपने हाथ पीछे खींच लिए ! दो लोगों के पहले ही मना कर देने के कारण मेरा भी उत्साह कम हो गया था इसलिए मैने इस यात्रा को कुछ दिनों के लिए स्थगित कर देना ही उचित समझा ! 
bad weather
खराब मौसम  में सफ़र की शुरुआत

Wednesday, May 13, 2015

आगरा के ताजमहल की एक सड़क यात्रा (A Road Trip to City of Taj, Agra)

रविवार, 30 जून 2013

बात शनिवार, 29 जून 2013 के शाम की है जब मैं अपने कुछ दोस्तों के साथ शाम को एक मैदान में टहल रहा था ! बातचीत के दौरान अचानक हितेश बोला, यार कल आगरा घूमने चलें क्या ? मैने कहा, रहने दे यार, 2 सप्ताह पहले भी तुम लोगों ने आगरा जाने की योजना बनाई थी, लेकिन अंतिम समय में सबने मना कर दिया !

हितेश: यार वो विपुल की वजह से मना हुआ था, बाकी सब लोग तो तैयार थे ! 

हाँ, तो तुम्हें क्या लगता है इस बार विपुल हाँ कर देगा ? 

हितेश: नहीं, इस बार हम विपुल को लेकर ही नहीं जा रहे ना ! 

विपुल, जोकि वहीं बैठा हुआ सब कुछ सुन रहा था, अचानक बोल पड़ा, “यार मैं आगरा जाने के लिए आज रात एक बार फिर अपने घर पर बात करूँगा" ! 

शशांक: बात क्या करनी है, तेरी तरफ से तो हम ना ही मान कर चल रहे है ! 

आगरा जाने के लिए बाकी तीनों लोग हितेश, शशांक और मेरी तरफ से हामी होने के बाद हम लोग कुछ देर बातें करते रहे और फिर अपने-2 घर वापस आ गए !
way to agra
Delhi Agra Highway (आगरा जाते हुए रास्ते में लिया एक चित्र)

Saturday, May 9, 2015

जाखू मंदिर - दोस्तों संग बर्फ में मस्ती (Snow Near Jakhu Temple)

रविवार, 25 जनवरी 2015

इस यात्रा वृतांत को शुरू से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें !

रात में काफ़ी देरी से सोने के बावजूद सुबह समय से नींद खुल गई, पर सर्दी होने के कारण मैं आलस में बिस्तर पर ही पड़ा रहा ! अब जागते हुए भला कितनी देर तक बिस्तर पर पड़ा रहता, आख़िरकार थोड़ी देर बाद बिस्तर से निकलकर नित्य-क्रम में लग गया ! यहाँ हमने दो कमरे लिए थे और दोनों कमरों में 4-4 लोग थे, अपने कमरे में चारों में से सबसे पहले मैं ही उठा और उठने के बाद समय से नहा-धोकर तैयार भी हो गया ! फिर अपना कैमरा लेकर मैं बाहर माल रोड की तरफ चल दिया, ताकि माल रोड से सुबह का नज़ारा देख सकूँ, निकलते समय मेरे साथ हितेश के अलावा सचिन चौधरी, और सचिन राठी भी चल दिए ! इतनी सुबह यहाँ कड़ाके की ठंड पड़ रही थी और लक्कड़ बाज़ार से चर्च की ओर जाते हुए रास्ते में हमें गिनती के लोग ही दिखाई दे रहे थे ! थोड़ी सी उँचाई पर पहुँचकर दूर बरफ के पहाड़ दिखाई दिए, यहाँ एक चबूतरे पर खड़े होकर हमने आस-पास के नज़ारों खूब आनंद लिया ! 
shimla hills
माल रोड से दिखाई देता एक दृश्य (A view from Mall Road Shimla)

Tuesday, May 5, 2015

कड़ाके की ठंड में शिमला का सफ़र (Beauty of Shimla in Winters)

शनिवार, 24 जनवरी 2015

एक और नए साल की शुरुआत थी, जनवरी माह के दो हफ्ते गुजर चुके थे, जब एक दिन मैं अपने दफ़्तर में बैठा शिमला जाने का विचार बना रहा था ! दरअसल, पिछले हफ्ते ही मेरे कुछ सहकर्मी शिमला की यात्रा करके लौटे थे, फ़ेसबुक पर उनके यात्रा चित्रों को देख कर मेरे मन में भी शिमला जाने की चुलबुलाहट होने लगी ! हालाँकि, ये पहले बार नहीं था जब शिमला जाने का विचार मेरे मन में आया हो, ये लगातार तीसरा वर्ष था जब मैं शिमला जाने की योजना बना रहा था, हर साल शिमला जाने की सोचता और फिर ये योजना धरी रह जाती ! एक बार 2011 में धनोल्टी यात्रा से लौटने के बाद ही मेरा शिमला जाने का विचार बना था, पर कुछ निजी कारणों से इस यात्रा पर जाना नहीं हो सका ! फिर दोबारा नवंबर 2014 में नैनीताल घूम कर आने के बाद शिमला जाने का खुमार मन में चढ़ा, कुछ दोस्तों विश्वदीपक और लोकेश ने दिसंबर में इस यात्रा पर मेरे साथ चलने के लिए हामी भी भरी थी, पर अंतिम समय में जब विश्वदीपक ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए इस यात्रा पर जाने से मना कर दिया तो लोकेश ने भी परिवार संग लैंसडाउन जाने की योजना बना ली ! 
train to shimla
Himalyan Queen Express