Wednesday, March 29, 2017

मिर्जापुर यात्रा - लखनिया दरी (Trip to Lakhania Daari, Mirzapur)

शुक्रवार, 12 अगस्त 2016

इस यात्रा पर जाने का मेरा मन तो उस समय से था, जब मैने अपने एक सहकर्मी से लखनिया दरी जल प्रपात के बारे में सुना था ! दरअसल, मेरे एक मित्र ने अपने कॉलेज के दिनों के एक वाकये का ज़िक्र करते हुए इस जल प्रपात के बारे में बताया था कि किस तरह वो अपने दोस्तों के साथ अपनी क्लास छोड़कर इस जल-प्रपात को देखने चले गए थे ! इस झरने के बारे में जैसा विवरण उस मित्र ने दिया था उसे सुनकर इस झरने के प्रति मेरा आकर्षण काफ़ी बढ़ गया था ! फिर जब इंटरनेट पर इस झरने की वीडियो देखी और इसके बारे में पढ़ा तो झरने को देखने की इच्छा बढ़ गई ! झरने से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियाँ मैने एक डायरी में लिख ली थी ताकि ज़रूरत पड़ने पर अपने अलावा अन्य लोगों को भी लाभान्वित कर सकूँ ! देखते-2 साल बीत गया, लेकिन इस यात्रा पर जाने का संयोग नहीं बना, समय बीतता रहा और इस दौरान कई यात्राएँ भी होती रही, लेकिन लखनिया दरी मेरी यात्रा डायरी के किसी पन्ने में गुमनाम सा पड़ा रहा !


बनारस हिंदू विश्वविद्यालय जाने का मार्ग

Saturday, March 25, 2017

शिमला में देखने योग्य मुख्य स्थल (Local Sightseen in Shimla)

रविवार, 5 जून 2016

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इस यात्रा के पिछले लेख में आपने चैल और कुफरी के बारे में पढ़ा, जब हम शिमला पहुँचे तो शाम होने वाली थी, गाड़ी पार्किंग में खड़ी करके हम एक होटल में आकर रुके ! थोड़ी देर आराम करने के बाद हम सब माल रोड पर घूमने निकल पड़े ! पिछली शिमला यात्रा के दौरान मैं माल रोड पर बहुत ज़्यादा नहीं घूमा था, आज मौका मिला तो माल रोड के कई चक्कर काटे ! अब भूख भी लगने लगी थी, दोपहर में कुफरी में मैगी ही खाने को मिली थी ! यहाँ शिमला में माल रोड के नज़दीक रिज के मैदान के पास एक मशहूर रेस्टोरेंट है गुफा, सोचा आज हम भी देख लेते है, अब तक कई मित्रों से इस रेस्टोरेंट के बारे में सुन रखा था ! आज जाकर पता चला, वाकई शानदार जगह है, अगर आप शिमला घूमने आ रहे है तो इस रेस्टोरेंट में ज़रूर जाइए ! रेस्टोरेंट के अलावा यहाँ बार भी है, मतलब खाने-पीने का पूरा इंतज़ाम है ! गोलाकार आकृति में बने इस रेस्टोरेंट में बैठने के लिए सोफे भी लगे है, हम भी एक बढ़िया सा सोफा देखकर बैठ गए ! ऑर्डर देने के थोड़ी देर बाद ही हमारा खाना परोस दिया गया, खाना लाजवाब बना था, सबने खूब खाया !


रात में दिखाई देता शिमला का चर्च

Tuesday, March 21, 2017

चैल में देखने योग्य मुख्य स्थल (Local sightseen in Chail)

शनिवार, 4 जून 2016

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पिछले लेख में आपने साधुपुल के बारे में पढ़ा, दिन भर के सफ़र की थकान की वजह से रात को बढ़िया नींद आई ! सुबह समय से सोकर उठे, घड़ी देखी तो अभी 5 बज रहे थे, कॉटेज की खिड़की से बाहर झाँककर देखा तो अभी हल्का-2 अंधेरा ही था ! बिस्तर से उठकर हमने हाथ-मुँह धोया और अपना कैमरा लेकर कॉटेज से बाहर आ गए, नदी के पास पहुँचे तो हल्का-2 उजाला होने लगा था ! ये जगह तीन तरफ से पहाड़ियों से घिरी हुई थी, जिसके कारण कल हम सूर्यास्त का नज़ारा ठीक से नहीं देख पाए थे ! आज सूर्योदय देखने की उम्मीद के साथ दिन की शुरुआत कर रहे थे, नदी को पार करने के लिए पानी में पैर डाला तो महसूस किया कि इस समय पानी कल शाम से भी ज़्यादा ठंडा था ! सूर्योदय का नज़ारा देखने की ख्वाहिश लिए हम नदी के किनारे-2 पानी की विपरीत दिशा में चल दिए, उधर से ही सूर्य की लालिमा दिखाई दे रही थी ! इस समय चारों तरफ सन्नाटा था, इसलिए बहते हुए पानी की आवाज़ भी काफ़ी तेज लग रही थी ! हम सब नदी के किनारे-2 चलते रहे, अपने कैंप से थोड़ी दूर जाने पर नदी के किनारे खूब पत्थर बिखरे पड़े थे ! नदी के एक किनारे तो घने पेड़-पौधे थे जबकि दूसरी ओर ऊँचाई पर कुछ मकान और एक मंदिर बना हुआ था, मंदिर के बगल से एक अन्य स्त्रोत से बहकर आने वाले पानी के निशान दिखाई दे रही थी ! इस समय तो इसमें पानी नहीं था लेकिन बारिश के मौसम में इसमें आस-पास का पानी बहकर आता होगा !


कुफरी का एक दृश्य

Friday, March 17, 2017

साधुपुल - हिमाचल के एक गाँव में यादगार शाम (A Memorable Evening in Sadhupul)

शुक्रवार, 3 जून 2016

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इस यात्रा के पिछले लेख में आपने कसौली में घूमने की स्थानीय जगहों के बारे में पढ़ा ! अब आगे, हम तीनों चर्च से निकले और बस अड्डे में खड़ी अपनी गाड़ी में बैठकर शिमला की ओर चल दिए ! कसौली से निकलकर थोड़ी देर में ही हम धर्मपुर तिराहे पर पहुँच गए, यहाँ से शिमला जाने के लिए हम बाएँ मुड़ गए ! शिमला जाने वाला ये मार्ग खूबसूरत नज़ारों से भरा पड़ा है, सड़क किनारे आप कहीं भी गाड़ी रोक लो, वहीं आपको नज़ारे दिखाई देंगे ! कसौली से शिमला जाते हुए आगे बढ़ने पर एक जगह आती है कंड़ाघाट ! यहाँ एक तिराहा है, इस तिराहे से बाएँ जाने वाला मार्ग शोघी होते हुए शिमला जाता है ! जबकि यहाँ से सीधा जाने वाला मार्ग चैल, कुफरी होते हुए शिमला को जाता है ! हम चैल होते हुए शिमला जाना चाहते थे, इसलिए कंड़ाघाट तिराहे से बाएँ ना मुड़कर सीधे ही चलते रहे ! अपनी गाड़ी होने का हमें ये सुख तो था कि जहाँ मन करता हम नज़ारे देखने के लिए गाड़ी रोक लेते ! कंड़ाघाट पार करने के बाद कई घुमावदार मोडों से होते हुए हम एक पुल पर पहुँचे, यहाँ से आगे जाने के लिए रास्ता नहीं था !


साधुपुल से दिखाई देता एक नज़ारा

Monday, March 13, 2017

कसौली में देखने योग्य मुख्य स्थल (Local Sightseen in Kasauli)

शुक्रवार, 3 जून 2016

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गुड़गाँव से कसौली पहुँचने तक की यात्रा का वर्णन आप पिछले लेख में पढ़ चुके है ! आगे बढ़ने से पहले कसौली के बारे में थोड़ी और जानकारी दे देता हूँ ! शिवालिक की पहाड़ियों के बीच बसा कसौली एक प्रसिद्ध हिल स्टेशन है, चंडीगढ़ के नज़दीक होने के कारण यहाँ साल भर पर्यटकों का जमावड़ा लगा ही रहता है ! कसौली से दिल्ली या देश के अन्य किसी बड़े शहर के लिए सीधे कोई बस या ट्रेन नहीं चलती, अगर आप बस से यात्रा करना चाहते है तो आपको पहले चंडीगढ़ पहुँचना होगा ! चंडीगढ़ से आपको देश के अलग-2 शहरों के लिए नियमित अंतराल पर बसें मिल जाएँगी ! अगर आप ट्रेन से यात्रा करने के शौकीन है तो यहाँ आप निराश नहीं होंगे, कसौली के सबसे नज़दीक सोनवारा रेलवे स्टेशन है जो कसौली से 4 किलोमीटर दूर है ! शिमला से कालका के लिए दिन में 4-5 टॉय ट्रेन चलती है, ये सभी ट्रेने सोनवारा होकर जाती है ! कालका पहुँचने के बाद तो आपको नई दिल्ली के लिए कई ट्रेनें मिल जाएँगी ! आप हवाई मार्ग से भी कसौली जा सकते है यहाँ का सबसे नज़दीकी हवाई अड्डा चंडीगढ़ है, जो देश के कई शहरों से जुड़ा हुआ है !


कसौली का क्राइस्ट चर्च

Thursday, March 9, 2017

गुड़गाँव से कसौली की सड़क यात्रा (A Road Trip to Kasauli from Gurgaon)

शुक्रवार, 3 जून 2016

इस यात्रा की शुरुआत हुई गुड़गाँव से, जब मेरे कुछ सहकर्मी एक यात्रा पर जाने की योजना बना रहे थे ! इस बाबत जब उन्होनें मुझसे साथ चलने के लिए पूछा तो मैने बिना देरी किए हामी भर दी ! मेरा इस यात्रा को करने का उद्देश्य था अपनी दिनचर्या में थोड़ा बदलाव लाना, रोजमर्रा की भागा-दौड़ी से मैं काफ़ी परेशान हो गया था ! फिर किसी यात्रा पर गए हुए भी मुझे काफ़ी समय हो गया था, सारनाथ से आने के बाद शायद ही कहीं गया था ! मेरे ये सहकर्मी पिछले एक महीने से कभी ऋषिकेश तो कभी नीलकंठ महादेव जाने की योजना बनाने में लगे थे लेकिन अभी तक कहीं भी घूमने जाने का निश्चित नहीं हो पाया था ! किसी भी योजना की सफलता के लिए ज़रूरी है कि जल्द से जल्द उसपर काम शुरू कर दो ! तो अब जिस योजना पर काम चल रहा था वो बहुत लंबी नहीं थी, इसी सप्ताह के अंत में जाने का दिन निश्चित हुआ ! इस यात्रा पर हमारा विचार हिमाचल प्रदेश के कुछ शहरों को देखने का था, 3 दिवसीय इस यात्रा में हम कसौली, चैल, कुफरी, फागू और शिमला देखने वाले थे ! निजी गाड़ी से जाने का विचार था तो टिकटों की भी कोई समस्या नहीं थी !


दूर से दिखाई देता कसौली