Monday, March 13, 2017

कसौली में देखने योग्य मुख्य स्थल (Local Sightseen in Kasauli)

शुक्रवार, 3 जून 2016

इस यात्रा वृतांत को शुरू से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

गुड़गाँव से कसौली पहुँचने तक की यात्रा का वर्णन आप पिछले लेख में पढ़ चुके है ! आगे बढ़ने से पहले कसौली के बारे में थोड़ी और जानकारी दे देता हूँ ! शिवालिक की पहाड़ियों के बीच बसा कसौली एक प्रसिद्ध हिल स्टेशन है, चंडीगढ़ के नज़दीक होने के कारण यहाँ साल भर पर्यटकों का जमावड़ा लगा ही रहता है ! कसौली से दिल्ली या देश के अन्य किसी बड़े शहर के लिए सीधे कोई बस या ट्रेन नहीं चलती, अगर आप बस से यात्रा करना चाहते है तो आपको पहले चंडीगढ़ पहुँचना होगा ! चंडीगढ़ से आपको देश के अलग-2 शहरों के लिए नियमित अंतराल पर बसें मिल जाएँगी ! अगर आप ट्रेन से यात्रा करने के शौकीन है तो यहाँ आप निराश नहीं होंगे, कसौली के सबसे नज़दीक सोनवारा रेलवे स्टेशन है जो कसौली से 4 किलोमीटर दूर है ! शिमला से कालका के लिए दिन में 4-5 टॉय ट्रेन चलती है, ये सभी ट्रेने सोनवारा होकर जाती है ! कालका पहुँचने के बाद तो आपको नई दिल्ली के लिए कई ट्रेनें मिल जाएँगी ! आप हवाई मार्ग से भी कसौली जा सकते है यहाँ का सबसे नज़दीकी हवाई अड्डा चंडीगढ़ है, जो देश के कई शहरों से जुड़ा हुआ है !


कसौली का क्राइस्ट चर्च
निजी गाड़ी या टैक्सी से आने वालो के लिए तो परेशानी की कोई बात ही नही है, इस मार्ग पर दिन-रात खूब गाड़ियाँ चलती रहती है ! कसौली के बारे में चर्चा जारी रहेगी, लेकिन फिलहाल अपनी यात्रा पर वापिस चलते है जहाँ हम कसौली बस अड्डे पर पहुँच चुके थे ! चर्च के सामने से होते हुए हम सनसेट पॉइंट की ओर जाने वाले मार्ग पर आगे बढ़े, थोड़ी दूर जाने पर ही कुछ गाड़ियों को वापिस आते देखा ! शीशा नीचे करके जब एक गाडीवाले से पूछा कि सनसेट पॉइंट जाने का यही मार्ग है तो वो बोला, कि थोड़ी दूरी पर फ़ौजी खड़े है जो गाड़ी को आगे नहीं जाने दे रहे ! जब लगातार कई गाड़ियाँ लौटती हुई दिखाई दी तो हमने भी अपनी गाड़ी वहीं ली, फिर सोचा आगे जाकर वापिस आने से अच्छा है यहीं से वापिस हो लिया जाए ! बिना देरी किए गाड़ी मोड़कर वापिस कसौली के बस अड्डे में खड़ी कर दी ! दोपहर हो गई थी और भूख भी लगने लगी थी ! हमने सोचा सनसेट पॉइंट घूमकर वापिस आने में तो समय लगेगा इसलिए पहले खाना खा लेते है फिर घूमने के लिए निकलेंगे ! 

गाड़ी से उतरकर हम तीनों माल रोड की तरफ चल दिए, कसौली का माल रोड मसूरी या शिमला की तरह बहुत बड़ा तो नहीं है लेकिन फिर भी यहाँ खाने-पीने से लेकर, गर्म कपड़े, और सजावट का सामान सब मिलता है ! वैसे अगर आप कसौली आए तो यहाँ के जेम और वाइन का स्वाद ज़रूर चखे ! यहाँ की आचार, जेम, और वाइन बहुत मशहूर है, और यहाँ आने वाले लोग ये सामान अपने साथ लेकर जाते है ! जैसा कि मैं इस यात्रा के पिछले लेख में भी बता चुका हूँ कि कसौली के माल रोड को दो भागों में बाँटा गया है, उपरी माल रोड और निचला माल रोड ! कसौली का माल रोड यहाँ के सबसे व्यस्त इलाक़ों में आता है, उपरी माल रोड पर आगे जाने पर कसौली क्लब आता है ! कसौली क्लब से आगे चलने पर इसी मार्ग पर एक स्थान है, सनसेट पॉइंट, यहाँ से सूर्यास्त का शानदार नज़ारा दिखाई देता है ! सनसेट पॉइंट से थोड़ी दूरी पर ही सनराइज़ पॉइंट भी है, जो सूर्योदय का नज़ारा देखने के लिए उत्तम स्थान माना जाता है ! हालाँकि, इस मामले में मेरी धारणा थोड़ी अलग है, मेरे विचार से तो ये सारे पॉइंट यहाँ के स्थानीय लोगों, ख़ासतौर से गाइड द्वारा बनाए हुए होते है ताकि यहाँ आने वाले पर्यटकों से इन जगहों को दिखाने के नाम पर पैसे कमाएँ जा सके ! 

पहाड़ों पर तो आप किसी भी ऊँची जगह पर जाकर खड़े हो जाइए, वहीं से आपको शानदार नज़ारे दिखाई देंगे ! सनसेट पॉइंट जाने वाले मार्ग के दोनों ओर खूब हरियाली है, अधिकतर चीड़ के पेड़ है ! शुरुआत करते है कसौली क्लब से, इस क्लब का निर्माण तो अध्ययन और सम्मेलन कक्ष के रूप में 1880 में हुआ था ! लेकिन 1898 के बाद इसे कसौली क्लब के रूप में पहचान मिली ! कहा जाता है कि इस भवन के प्रबंधक का काम संतोषजनक ना होने के कारण, भवन का प्रबंधन कसौली छावनी में रहने वाले सेना के अधिकारियों और सरकारी नौकरशाहों के हाथों में देने के लिए माँग उठने लगी ! फिर कुछ समय बाद सितंबर 1898 में इस भवन को कसौली क्लब के रूप में लाहौर के रजिस्टरार कार्यालय में पंजीकृत कर दिया गया, और इसकी देख-रेख कंपनी एक्ट 1956 के तहत की जाने लगी ! सन 1900 में इस क्लब में रसोईघर और रिहायशी कमरों का भी निर्माण कर दिया गया, ताकि क्लब के मेंबर के खाने-पीने और रुकने की उचित व्यवस्था हो सके ! वर्तमान में इस क्लब में एक बार, रेस्टोरेंट, गेस्ट रूम, लाइब्रेरी, जिमनेजियम, टेबल टेनिस, और बिलियर्ड टेबल के अलावा एक टेनिस कोर्ट भी है ! अपनी सुख-सुविधाओं और ख़ान-पान के कारण बहुत कम समय में ही कसौली क्लब काफ़ी लोकप्रिय हो गया ! 

वैसे, इस क्लब में जाने और यहाँ की सुख-सुविधाओं का लाभ लेने के लिए क्लब की मेंबरशिप लेनी पड़ती है ! कसौली क्लब में कमरे आरक्षित करवाने के लिए कुछ नियम है जिन्हें आप यहाँ क्लिक करके पढ़ सकते है ! चलिए, वापिस माल रोड चलते है जहाँ हम खाना खाने के लिए कोई अच्छा सा होटल ढूँढ रहे थे, निचले माल रोड का एक चक्कर लगाने के बाद हम एक होटल पर जाकर रुके ! खाने का आदेश देकर वहीं बैठकर आगे के कार्यक्रम पर चर्चा करने लगे ! थोड़ी देर के इंतजार के बाद हमारा भोजन आ गया, जिसे ख़त्म करने में हमें 15 से 20 मिनट का समय लगा ! खाना-खाकर निकले तो टहलते हुए सनसेट पॉइंट की तरफ जाने वाले मार्ग पर चल दिए ! इसी मार्ग पर पहले कसौली क्लब आता है, और आगे बढ़ने पर सनसेट पॉइंट, और गिल्बर्ट ट्रेल भी है ! सनसेट पॉइंट जाते हुए रास्ते में हमें कुछ शानदार बंगले भी देखने को मिले, ये बंगले शायद सेना के अधिकारियों के थे ! इसका अंदाज़ा हमने बंगलों के प्रवेश द्वार पर खड़े सेना के जवानों को देख कर लगाया ! इस मार्ग पर सड़क के किनारे जगह-2 निजी वाहन भी खड़े थे, पता नहीं, ये वाहन यहाँ कैसे आने दिए क्योंकि आम लोगों के वाहन तो काफ़ी पीछे ही रुकवा दिए गए थे ! 

खैर, हम आगे बढ़ते रहे, फिर थोड़ी दूरी पर हमें सड़क के किनारे एक खुला बरामदा सा दिखाई दिया ! इस बरामदे में कुछ लोग खड़े थे, हम लोग भी वहाँ पहुँचे, यहाँ से शानदार दृश्य दिखाई दे रहे थे ! बरामदे के बाहर लगे एक बोर्ड पर दी गई जानकारी से पता चला कि ये सनसेट पॉइंट था ! इस बरामदे के चारों तरफ रेलिंग लगाई गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके ! यहाँ लोगों के बैठने की व्यवस्था तो है ही, बच्चों के झूलने के लिए झूले भी है ! वैसे इस समय तो दोपहर हो रही थी, इसलिए सूर्यास्त के नज़ारे दिखने का तो सवाल ही नहीं था, लेकिन साफ मौसम होने के कारण घाटी में दूर तक का नज़ारा दिखाई दे रहा था ! घाटी में ही दूर कुछ इमारतों की रंगीन छतें दिखाई दे रही थी, शायद कोई सरकारी इमारत थी, ज़ूम करके फोटो भी लिया ! अंदाज़ा लगाना मुश्किल नहीं था कि सूर्यास्त के समय तो यहाँ लोगों का जमावड़ा लग जाता होगा ! नव-विहाहित जोड़ों और प्रेमी-युगलों के लिए तो ये एक आदर्श जगह है ! थोड़ी देर सनसेट पॉइंट पर बैठने के बाद हम बाहर आ गए और गिल्बर्ट ट्रेल की ओर जाने वाले मार्ग पर चल दिए ! थोड़ी दूर जाने के बाद हम मुख्य मार्ग को छोड़कर अपनी दाईं ओर जाती एक पगडंडी पर चल दिए ! इस मार्ग पर इक्का-दुक्के लोग ही आते-जाते दिखे ! 

उबड़-खाबड़ रास्तों से होते हुए हम मुख्य मार्ग से काफ़ी दूर एक ऊँचे पहाड़ पर पहुँच गए, जहाँ से कसौली की मुख्य इमारतें दिखाई दे रही थी ! दूसरी पहाड़ी पर एक मंदिर भी दिखाई दे रहा था, जाने का मन तो था लेकिन काफ़ी समय लग जाता ! इसलिए मंदिर पर जाने का विचार छोड़ दिया, वैसे भी आज ही हमें चैल के लिए भी तो निकलना था ! जिस पहाड़ी पर हम इस समय खड़े थे वहाँ हमें लड़के-लड़कियों का एक समूह भी मिला, जो शायद अपनी क्लास छोड़कर यहाँ तफ़री मार रहे थे ! पहाड़ी से आस-पास के कुछ फोटो लेने और कुछ समय बिताने के बाद हमने वापसी की राह पकड़ी ! जिस मार्ग से गए थे उसी मार्ग से वापिस होते हुए माल रोड की तरफ चल दिए ! वापसी में भी हमें सनसेट पॉइंट के पास कुछ लोग दिखे, अभी कसौली में हमें कई जगहें देखनी थी और फिर शिमला के लिए आगे भी बढ़ना था ! माल रोड से होते हुए हम वापिस बस अड्डे के पास स्थित बेपटिस्ट चर्च पहुँचे, इस चर्च का निर्माण 1923 में ब्रिटिश राज में हुआ था ! ये चर्च भारत और ब्रिटिश वास्तुकला का मिला-जुला उदाहरण है, चर्च के निर्माण की सामग्री को इटली और स्पेन से लाया गया था ! मुख्य प्रवेश द्वार से होते हुए हम तीनों चर्च परिसर में दाखिल हुए ! चर्च के मुख्य भवन के चारों ओर खुला मैदान है, जिसमें खूब पेड़-पौधे लगे है ! चर्च परिसर में घूमते हुए हम आस-पास और चर्च की फोटो खींचने लगे ! फिर जब मुख्य भवन में दाखिल हुए तो अंदर पादरी के अलावा इक्का-दुक्का लोग ही थे !

अंदर एकदम शांत माहौल था, प्रार्थना करने के लिए उपयुक्त स्थान ! एक बेंच पर बैठ कर हम तीनों ने पहले तो प्रार्थना की, फिर काफ़ी देर तक चर्च की खूबसूरती को निहारते रहे ! ऐसी शांत और सुंदर जगह से उठने का मन ही नहीं कर रहा था ! वैसे तो चर्च के अंदर फोटोग्रफी वर्जित थी, लेकिन चोरी-छुपे हमने एक-दो फोटो खींच ही लिए ! 15-20 मिनट चर्च में बिताने के बाद हम बाहर आ गए और बस अड्डे की तरफ चल दिए ! कसौली घूमने जाने के लिए वैसे तो पूरा साल ही अच्छा है, क्योंकि यहाँ हमेशा ही बढ़िया मौसम रहता है ! लेकिन फिर भी जुलाई से सितंबर का महीना यहाँ आने के लिए श्रेष्ठ माना जाता है क्योंकि इन तीन महीनों में पहाड़ों पर खूब हरियाली होती है और घाटी में भी बादलों का जमावड़ा देखने को मिल जाता है ! कुल मिलकर दिल्ली की भाग-दौड़ से दूर अगर आप सुकून के कुछ पल बिताना चाहते है तो ये एक अच्छा विकल्प है ! इसके अलावा कसौली में घूमने के लिए मंकी पॉइंट, और बाबा बालक नाथ मंदिर भी है जहाँ हम नहीं जा पाए ! खाने-पीने के लिए कसौली में बहुत विकल्प है फिर चाहे वो तिब्बती व्यंजन हो या वाइन, यहाँ सब मिल जाएगा ! वैसे तो कसौली में रुकने के बहुत विकल्प है लेकिन अगर आप यहाँ यात्रा सीजन में आ रहे है तो अग्रिम बुकिंग कराकर ही जाएँ !

कसौली की यात्रा को यहीं ख़त्म करते है, यात्रा के अगले लेख में शिमला की ओर प्रस्थान करेंगे !


कसौली का माल रोड 

माल रोड पर लगी मेजर ध्यानचन्द की एक प्रतिमा

कसौली का माल रोड 

माल रोड पर एक दुकान

कसौली क्लब में टेनिस का मैदान


सनसेट पॉइंट जाने का मार्ग

सनसेट पॉइंट जाने का मार्ग

सनसेट पॉइंट जाते हुए रास्ते में लिया एक चित्र

सनसेट पॉइंट जाते हुए रास्ते में लिया एक चित्र

रास्ते में हमें एक बिल्ली भी मिल गई 




सनसेट पॉइंट का एक दृश्य

सनसेट पॉइंट से दिखाई देते नज़ारे

सनसेट पॉइंट से दिखाई देते नज़ारे


सनसेट पॉइंट से दिखाई देते नज़ारे




गिल्बर्ट ट्रेल जाने का मार्ग


गिल्बर्ट ट्रेल जाने का मार्ग

पहाड़ी से दिखाई देते नज़ारे



कसौली बस अड्डे का एक दृश्य

कसौली का क्राइस्ट चर्च

चर्च के अंदर का एक दृश्य

चर्च के अंदर का एक दृश्य


क्यों जाएँ (Why to go Kasauli): अगर आप साप्ताहिक अवकाश पर दिल्ली की भीड़-भाड़ से दूर सुकून के कुछ पल पहाड़ों पर बिताना चाहते है तो आप कसौली का रुख़ कर सकते है !

कब जाएँ (Best time to go Kasauli): आप साल के किसी भी महीने में कसौली जा सकते है, लेकिन ज़्यादा ऊँचाई पर ना होने के कारण मई-जून के महीने में कसौली में भी गर्मी रहती है ! बाकि पूरे साल यहाँ बढ़िया मौसम रहता है !

कैसे जाएँ (How to reach Kasauli): दिल्ली से कसौली की दूरी लगभग 290 किलोमीटर है, कसौली जाने का सबसे बढ़िया साधन सड़क मार्ग है दिल्ली से कसौली के लिए प्राइवेट बसें और वोल्वो चलती है जबकि आप निजी गाड़ी से भी जा सकते है ! रेल मार्ग से जाना चाहे तो नई दिल्ली से कालका रेलवे स्टेशन जुड़ा है, कालका से आप टॉय ट्रेन की सवारी का आनंद ले सकते है ! कसौली के सबसे नज़दीक सोनवारा रेलवे स्टेशन है जो कसौली से 4 किलोमीटर दूर है !

कहाँ रुके (Where to stay in Kasauli): कसौली में रुकने के लिए छोटे-बड़े कई होटल है, यात्रा सीजन (मई-जून) में जा रहे है तो होटल का अग्रिम आरक्षण कराकर ही जाएँ ! आप अपनी सहूलियत के हिसाब से 800 रुपए से शुरू होकर 4000 रुपए तक के होटल ले सकते है !

क्या देखें (Places to see in Kasauli): वैसे तो कसौली में देखने के लिए कई जगहें है लेकिन मंकी पॉइंट, माल रोड, सनसेट पॉइंट, गिल्बर्ट ट्रेल और क्राइस्ट चर्च प्रमुख है ! कसौली जा रहे है तो यहाँ के जैम और आचार का स्वाद लेना ना भूलें !

अगले भाग में जारी...

कसौली शिमला यात्रा
  1. गुड़गाँव से कसौली की सड़क यात्रा (A Road Trip to Kasauli from Gurgaon)
  2. कसौली में देखने योग्य मुख्य स्थल (Local Sightseen in Kasauli)
  3. साधुपुल - हिमाचल के एक गाँव में यादगार शाम (A Memorable Evening in Sadhupul)
  4. चैल में देखने योग्य मुख्य स्थल (Local sightseen in Chail)
  5. शिमला में देखने योग्य मुख्य स्थल (Local Sightseen in Shimla)

2 comments:

  1. भरपूर चित्र के साथ मोहक लेख

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    1. धन्यवाद कपिल जी !

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