Saturday, January 11, 2020

कैंची धाम – नैनीताल (Kainchi Dham in Nainital)

शुक्रवार, 02 मार्च 2018

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यात्रा के पिछले लेख में हम नैनीताल का स्थानीय भ्रमण करने के बाद रानीखेत के लिए निकल चुके है, रानीखेत जाते हुए रास्ते में हम भूमियाधार भी गए, जहाँ बाबा नीम करोरी ने एक हनुमान मंदिर का निर्माण करवाया था, मंदिर का मुख्य द्वार तो इस समय बंद था लेकिन बाहर से ही मुख्य भवन में स्थापित की हुई मूर्तियों के दर्शन हो रहे थे तो यहीं से हाथ जोड़कर हमने अपना आगे का सफ़र जारी रखा ! यहाँ से निकलकर भुवाली पहुंचे, जहाँ बाज़ार में गाड़ियों की लम्बी कतार से जाम लगा हुआ था ! कुछ देर बाद इस जाम से निकले तो हमारी गाडी ने कुछ रफ़्तार पकड़ी, इसी बीच मेरे मोबाइल की घंटी बजी ! फ़ोन उठाकर देखा तो ये शशांक था, कुछ देर की बातचीत के बाद पता चला कि शशांक और हितेश होली खेलने के बाद साथ ही बैठे थे ! मैं गाडी चला रहा था इसलिए बातचीत ज्यादा लम्बी नहीं चली, और उन दोनों को होली की बधाई देने के बाद मैंने फ़ोन रख दिया ! कैंची धाम जाने से पहले हम नैनीताल से रानीखेत जाने वाले मार्ग पर लगभग 20 किलोमीटर चलने के बाद दूर से ही हमें सड़क किनारे बाईं ओर एक मंदिर दिखाई दिया, नारंगी रंग का ये मंदिर काफी दूर से ही दिखाई देने लगता है ! 
कैंची धाम का एक दृश्य