Sunday, December 28, 2014

मेवात के नूंह में है एक शिव मंदिर (A Visit to Shiv Temple in Nuh, Mewat)


रविवार, 7 दिसंबर 2014 

आजकल ज़िंदगी काफ़ी व्यस्त हो गई है, दिन भर भागा-दौड़ी करने के बाद भी काम ख़त्म ही नहीं होते ! कभी-2 तो ऐसा लगता है कि छुट्टी वाले दिन यानि शनिवार और रविवार को मैं बाकी दिनों की अपेक्षा ज़्यादा व्यस्त रहता हूँ ! अगर आपकी दिनचर्या भी कुछ ऐसी ही है तो परेशान होने की ज़रूरत नहीं है, इसे ही पारिवारिक जीवन कहते है, कुछ ना कुछ काम हमेशा ही लगा रहता है ! ऐसे ही एक रविवार को मैं अपनी दिनचर्या के हिसाब से काम निबटाने में लगा हुआ था, सुबह से दोपहर हो गई, पर एक पल का भी आराम नहीं मिला ! दोपहर का भोजन करने बैठा तो दिमाग़ एकदम गरम था ! भोजन करते हुए मैं इसी सोच-विचार में लगा था कि क्यों ना 2-3 घंटे के लिए घर से कहीं दूर चला जाए ! पिछले महीने ही हितेश शर्मा से पता चला था कि मेवात के नूंह में मेडिकल कॉलेज के पास एक शिव मंदिर है, इस मंदिर के पीछे से ही एक रास्ता उपर पहाड़ी पर जाता है, जहाँ सुकून के 2-3 घंटे बिताए जा सकते है, बस उसी दिन से इस जगह पर जाने का विचार मन में चल रहा था ! सोचा आज अच्छा मौका है, दोपहर बाद वहाँ जाया जा सकता है !
palwal nuh road
On the way to Nuh

Sunday, December 21, 2014

घने जंगलों के बीच स्थित है सातताल झील (Sattal - An Offbeat Destination in Nainital)

सोमवार, 03 नवंबर 2014 

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यात्रा के पिछले लेख में आपने पढ़ा कि किस तरह हम नौकूचियाताल घूमने के बाद सातताल पहुँचे ! यहाँ हमने देखा कि झील पर लकड़ी का एक अस्थाई पुल बनाया गया है, जिसके बगल में ही खेलने-कूदने की व्यवस्था भी है ! जिस समय हम यहाँ पहुँचे तो झील के किनारे कुछ पालतू बतखें थी, लोग पैसे देकर इन बतखों के साथ फोटो खिंचवा रहे थे, हम लोग लकड़ी के पुल को पार करते हुए झील के दूसरे किनारे पहुँच गए, जहाँ लोगों के बैठने की व्यवस्था थी ! यहीं से एक रास्ता चर्च की ओर जाता है, झील के उस पार पहाड़ी पर एक चर्च है, एक चर्च हमें सातताल आते समय रास्ते में भी मिला था, ये दोनों चर्च अलग-2 है ! थोड़ी देर यहाँ घूमने के बाद हम वापस झील के उसी किनारे आ गए जहाँ सारी नौकाएँ थी, पेडल-बोट का मज़ा तो हम लोग नौकूचियाताल में सुबह ले चुके थे इसलिए अब शिकारा नाव में घूमने का मन था ! एक नौका वाला हमें 150 रुपए में आधा घंटा घुमाने के लिए राज़ी हो गया, नाव में बिठाने के बाद वो हमें झील के मध्य में ले गया ! इसी बीच उसने हमें ये जानकारी दी कि इस झील को सात भागों में बाँटा गया है इसलिए इसका नाम सातताल है ! 

sattal lake
सातताल (A View of Sattal Lake)

Thursday, December 18, 2014

नौ कोनों वाली नौकूचियाताल झील (Boating in Naukuchiataal Lake)

सोमवार, 03 नवंबर 2014 

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यात्रा के पिछले लेख में आपने नैना पीक और ईको केव के बारे में पढ़ा, अब आगे, कल नैनीताल से वापिस आए तो समय से सो गए, सुबह नींद खुली तो कमरे की बालकनी से बाहर का शानदार नज़ारा दिखाई दे रहा था ! नैनीताल भ्रमण के बाद अब हमारे पास घूमने के लिए नौकूचियाताल और सातताल बचे थे ! घंटे भर में नित्य-क्रम से फारिक हुए और होटल के बगल में स्थित हनुमान जी का मंदिर देखने चल दिए ! हमारे होटल से लगभग 100 मीटर की दूरी पर हनुमान जी का एक मंदिर था, यहाँ हनुमान जी की विशाल प्रतिमा स्थापित की गई है ! जिस समय हम लोग मंदिर पहुँचे वहाँ बिल्कुल भी भीड़ नहीं थी, इसलिए दर्शन करने में हमें कोई दिक्कत नहीं आई ! हनुमान जी के दर्शन करने के बाद हम लोग मंदिर से एक किलोमीटर आगे उसी मार्ग पर नौकूचियाताल की ओर चल दिए ! इस झील के नौ कोने होने के कारण इसका नाम नौकूचियाताल पड़ा, लगभग एक किलोमीटर लंबी और 700 मीटर चौड़ी इस झील की औसतन गहराई 40 मीटर है ! कहते है कि झील के किसी भी एक किनारे पर खड़े होकर आप झील के सारे कोनों को एक साथ नहीं देख सकते, ये बात तो मैने जाँच कर भी देखी ! 

hanuman temple naukuchiatal
नौकूचियताल में हनुमान जी की प्रतिमा (Lord Hanuman Idol in Naukuchiatal)

Sunday, December 14, 2014

नैनीताल में भी है कुछ प्राकृतिक गुफाएं (A Visit to Eco Cave in Nainital)

रविवार, 02 नवंबर 2014 

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यात्रा के पिछले लेख में आपने पढ़ा कि किस तरफ हम भीमताल से निकलकर नैनीताल पहुँचे लेकिन यहाँ पार्किंग ना मिलने की वजह से वापिस जाते हुए माल रोड पर रुककर फोटो खींच रहे थे ! अब आगे, हमें माल रोड पर खड़ा देखकर एक गाइड हमसे आ टकराया, मेरी सहमति पाकर वो हमें घुमाने के लिए चल दिया ! गाइड के बताए अनुसार मैने फिर से गाड़ी मोड़ ली और उसी स्थान से होता हुआ आगे बढ़ गया जहाँ पार्किंग ना मिलने की वजह से मैं गाड़ी मोड़ कर वापिस आ गया था ! घुमावदार रास्तों से होते हुए हम लोग हिमालय दर्शन के लिए चल दिए, बीस-पच्चीस मिनट के सफ़र के बाद हम लोग पहाड़ी के सबसे उँचे हिस्से पर पहुँच गए जहाँ सैकड़ों सैलानी पहले से ही मौजूद थे ! इस जगह को लोग नैना पीक के नाम से जानते है, गाड़ी सड़क के किनारे खड़ी करके जब हम लोग बाहर उतरे तो काफ़ी ठंडक महसूस हुई ! गर्म कपड़े तो हम लोग लेकर ही आए थे, इसलिए परेशानी की कोई बात नहीं थी ! ये मार्ग यहाँ से आगे भी जाता है, इसी मार्ग पर थोड़ी दूरी पर ही भगवान शिव का एक मंदिर भी है, उँची-2 पहाड़ियाँ होने के कारण सूर्य का प्रकाश भी यहाँ ठीक ढंग से नहीं आ रहा था ! 

the great himalya
दूर दिखाई देते हिमालय पर्वत (A View of Himalaya Range)

Wednesday, December 10, 2014

नैनीताल का मुख्य आकर्षण है नैनी झील (Boating in Naini Lake, Nainital)

रविवार, 02 नवंबर 2014 

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यात्रा के पिछले लेख में आपने भीमताल के बारे में पढ़ा, अब आगे, रात्रि भोजन के बाद हम भीमताल से वापिस अपने होटल पहुँचे ! अगले दिन की यात्रा पर चर्चा करने के बाद हम समय से आराम करने चले गए, सुबह आराम से सोकर उठे ! आज की सुबह हमारे लिए थोड़ी अलग थी क्योंकि आज हम घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर एक पहाड़ी क्षेत्र में थे, आज सुबह रोज की तरह उठकर दफ़्तर जाने की मारा-मारी नहीं थी, आज तो सुकून के कुछ पल बिताने का दिन था ! इस यात्रा में हमारे होटल से सबसे अधिक दूर नैनीताल ही था इसलिए हम सबसे पहले नैनीताल ही घूमना चाहते थे क्योंकि आस-पास की जगह तो हम लोग होटल में रहते हुए सुबह-शाम भी घूम सकते थे पर नैनीताल घूमने के लिए तो एक पूरा दिन लगने वाला था ! उठने के बाद नित्य-क्रम से निवृत होकर हम लोग नाश्ता करने के लिए अपने होटल के मुख्य हाल में पहुँच गए ! सभी मेहमानों के खाने-पीने की व्यवस्था इसी हाल में थी ! अक्सर, होटलों में खाने-पीने के लिए एक सार्वजनिक हाल रखा जाता है, इसके दो फ़ायदे होते है एक तो होटल के संचालक को हर कमरे में अलग-2 जाकर खाना परोसने की व्यवस्था नहीं करनी पड़ती और दूसरा होटल में रुकने वाले पर्यटकों को एक-दूसरे को जानने का अवसर मिलता है ! 

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भीम ताल (A view of Bheemtaal Lake)

Saturday, December 6, 2014

क्या आप जानते है, नैनीताल से भी पुराना है भीमताल (A Family Trip to Bhimtal)

शनिवार, 01 नवंबर 2014 

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यात्रा के पिछले लेख में आपने पढ़ा कि किस तरह हम दिल्ली से निकलकर मुरादाबाद-हल्द्वानि होते हुए भीमताल पहुँचे ! अब आगे, मुख्य मार्ग इस झील के किनारे से होता हुआ आगे बढ़ता है, आगे जाने पर ये मार्ग दो भागों में विभाजित हो जाता है ! हम इसी तिराहे पर खड़े होकर झील की फोटो खींच रहे थे ! इस तिराहे से बाईं ओर जाने वाला मार्ग भुवाली होते हुए नैनीताल को निकल जाता है, जबकि दाईं ओर जाने वाला मार्ग भीमताल के मुख्य बाज़ार तक जाता है ! भीम ताल के बाज़ार से ऊपर की ओर एक मार्ग नौकूचियाताल चला जाता है, अब क्योंकि हमारा होटल नौकूचियाताल में था तो हमें वहाँ जाने के लिए इस झील का एक पूरा चक्कर लगाना पड़ा ! इस मोड़ से नैनीताल की दूरी लगभग 22 किलोमीटर है जबकि नौकूचियाताल यहाँ से 4 किलोमीटर दूर है ! नौकूचियाताल जाने वाली सड़क तक पहुँचने से पहले ही झील के किनारे एक जगह हमने 30 रुपए का पंचायती कर अदा किया और आगे बढ़ गए ! इस मार्ग पर थोड़ी दूर ही चले थे कि भीमताल के किनारे बने एक बड़े चबूतरे पर हमने अपनी गाड़ी खड़ी कर दी !

kathgodam to bhimtal
काठगोदाम से नैनीताल जाने का मार्ग (On the way from Kathgodam to Nainital)

Wednesday, December 3, 2014

दिल्ली से नैनीताल की एक सड़क यात्रा (A Road Trip from Delhi to Nainital)

आज मैं आपको उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र में स्थित एक पर्वतीय नगर नैनीताल की यात्रा पर लेकर चलने वाला हूँ ! नैनीताल का नाम तो आप सबने ही सुना होगा, बहुत से लोग घूम भी चुके होंगे ! फिर भी जो लोग नैनीताल नहीं घूमे और घूमने जाने की योजना बना रहे है उनके लिए ये लेख काफ़ी लाभप्रद होगा ! नैनीताल उत्तराखंड में स्थित एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, नैनी झील के लिए मशहूर नैनीताल में और भी कई झीलें है ! समुद्र तल से 2084 मीटर की ऊँचाई पर स्थित ये शहर अपनी खूबसूरती के लिए दुनिया भर में काफ़ी लोकप्रिय है ! हर साल यहाँ लाखों सैलानी घूमने के लिए आते है, नव-विवाहित जोड़े भी अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत करने के लिए यहाँ बहुतायत में आते है ! वैसे तो मेरा नैनीताल जाने का विचार काफ़ी समय से बन रहा था पर हर बार कुछ अवांछित कारणों से मैं इस यात्रा को टालता आ रहा था ! आख़िरकार ऐसा कब तक चलता कभी ना कभी तो नैनीताल जाना ही था तो सोचा कि क्यों ना ये यात्रा कर ही ली जाए ! दीवाली के बाद तो तीज-त्योहार भी लगभग ख़त्म ही हो गए थे और पिछली किसी यात्रा पर गए हुए भी काफ़ी समय हो गया था ! 

dasna toll
डासना टोल के पास लिया गया एक चित्र (Dasna Toll Plaza)