Sunday, February 28, 2021

झूला देवी मंदिर, रानीखेत (Jhula Devi Temple of Ranikhet)

शुक्रवार, 02 मार्च 2018

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दोस्तों, यात्रा के पिछले लेख में हम कैंची धाम के दर्शन करने के बाद रानीखेत के लिए प्रस्थान कर चुके है, होली का दिन होने के कारण आज सड़क पर ज्यादा चहल-पहल भी नहीं थी ! कैंची धाम में भी हमारे अलावा गिनती के लोग ही थे, सड़क किनारे स्थित अधिकतर दुकानें बंद थी और नैनीताल-रानीखेत मार्ग पर भी ना के बराबर ही गाड़ियाँ दिखाई दे रही थी ! नतीजन, हम तेजी से इस मार्ग पर रानीखेत की ओर बढे जा रहे थे, रास्ते में कोई ख़ास दर्शनीय स्थल नहीं था तो हम कहीं रुके भी नहीं ! पहाड़ी मार्ग पर बीच-2 में मोबाइल के सिग्नल की आवाजाही भी जारी थी, हालांकि, सड़क किनारे खम्बों पर लटकती केसरी रंग की फाइबर केबल दिखाई दे रही थी लेकिन फिलहाल तो यहाँ मोबाइल नेटवर्क बहुत अच्छा नहीं था ! 10-11 किलोमीटर चलने के बाद हम एक तिराहे पर जाकर रुके, यहाँ हमारी बाईं ओर कोसी नदी पर एक पुल बना था पुल से होता हुआ ये मार्ग रानीखेत को चला जाता है जबकि इस तिराहे से सीधा जाने वाला मार्ग अल्मोड़ा, जागेश्वर और पित्थोरागढ़ को चला जाता है इसी मार्ग पर चितई देवता का मंदिर भी है, जो यहाँ से 42 किलोमीटर दूर था ये सब जानकारी मुझे इस तिराहे पर लगे एक दिशा सूचक बोर्ड से मिली !
झूला देवी मंदिर, रानीखेत