Monday, June 11, 2018

हुमायूँ के मक़बरे की सैर (A visit to Humayun’s Tomb, New Delhi)

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दिल्ली भ्रमण करता हुआ आज मैं आपको ले चल रहा हूँ निज़ामुद्दीन दरगाह के पास स्थित हुमायूँ के मक़बरे की सैर पर ! हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन से करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस मक़बरे तक जाने के लिए आप रेलवे स्टेशन से उतरकर ऑटो या बस पकड़ सकते है, रिक्शे की सवारी का लुत्फ़ लेने के लिए आपको थोड़ी दूर पैदल चलना पड़ेगा, ई-रिक्शे की सवारी का आनंद लेने का मन हो तो वो भी आपको स्टेशन के पास ही मिल जायेंगे ! वैसे स्टेशन से इस मक़बरे की दूरी ज़्यादा नहीं है इसलिए अगर मौसम अच्छा हो तो आप ये यात्रा पैदल भी कर सकते है, लेकिन गर्मी ज्यादा हो तो पैदल ना ही जाएँ ! मैं भी ट्रेन से उतरने के बाद स्टेशन से बाहर निकला और कुछ घुमावदार रास्तों से होता हुआ पैदल ही मक़बरे की ओर जाने वाले मार्ग पर चल दिया ! इस बीच रास्ते में एक चौराहे के पास नीली गुम्बद भी है, जो एक ऐतिहासिक मुगलकालीन इमारत है, इस गुम्बद के चारों तरफ रेलिंग लगाईं गई है और अन्दर जाने पर पाबन्दी है ! मैं भी दूर से ही इस नीली गुम्बद की कुछ फोटो लेने के बाद आगे बढ़ गया, 15-20 मिनट बाद मैं मक़बरे के सामने पहुंचा !

हुमायूँ के मकबरे का एक दृश्य

Thursday, June 7, 2018

बीकानेर का लालगढ़ पैलेस (Lalgarh Palace of Bikaner)

बुधवार, 27 दिसंबर 2017

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बीकानेर यात्रा के पिछले लेख में आप करणी माता मंदिर के दर्शन कर चुके है, लेकिन पिछला लेख खत्म करने से पहले मैं आपको ये बताना भूल गया कि देशनोक में जिस पार्क में हम आराम करने के लिए रुके थे उसके बगल में ही एक मंदिर भी था या यूं कह लीजिए कि मंदिर से सटा एक पार्क था ! जब हम पार्क में थे तो लगे हाथ मंदिर के दर्शन भी कर लिए, ये इस रिहायशी इलाके का एक स्थानीय मंदिर था, दोपहर के समय यहाँ हमारे अलावा 2 लोग और थे जो यहाँ बगल में एक निर्माणाधीन इमारत में काम कर रहे थे ! चलिए, आगे बढ़ते है जहां हम बीकानेर में बस से उतरकर चौराहे पर खड़े किसी ऑटो की प्रतीक्षा कर रहे थे ! हाथ दिखाकर एक ऑटो रुकवाया और उससे लालगढ़ पैलेस चलने को कहा, लेकिन जिससे भी पूछते वो लालगढ़ पैलेस जाने से मना कर देता, जब 2-3 बार ऐसा हो गया तो पूछने पर हमें एक ऑटो वाले ने बताया कि यहाँ से सीधे लालगढ़ का ऑटो नहीं मिलेगा, पहले बस स्टैंड जाओ, वहाँ से लालगढ़ के लिए ऑटो मिल जाएगा ! उसके कहे अनुसार हम बस स्टैंड होते हुए लालगढ़ पैलेस पहुंचे, ये महल शहर से बाहर एक शांत स्थान पर है, यहाँ की सड़कें भी खाली थी और आस-पास का माहौल भी शांत था ! ऑटो से उतरने के बाद कुछ कदम पैदल चलकर हम लालगढ़ पैलेस के प्रवेश द्वार के सामने खड़े थे, आस-पास की इमारतों में ये एक शानदार स्थान है ! चलिए, आगे बढ़ने से पहले आपको इस पैलेस से संबंधित कुछ जानकारी दे देता हूँ !

लालगढ़ पैलेस का एक दृश्य

Sunday, June 3, 2018

देशनोक का करणी माता मंदिर (Karni Mata Temple, Deshnok)

बुधवार, 27 दिसंबर 2017

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यात्रा के पिछले लेख में आप जूनागढ़ के ऐतिहासिक किले का भ्रमण कर चुके है, भ्रमण के बाद पेट पूजा करके फ़ारिक हुए तो हमारे पास दो विकल्प थे ! या तो हम पहले लालगढ़ पैलेस देखकर फिर करणी माता मंदिर में दर्शन के लिए जाते या फिर ठीक इसके उलट, यानि करणी माता मंदिर पहले और लालगढ़ पैलेस बाद में ! हमने दूसरा विकल्प चुना, इसका कारण था कि करणी माता मंदिर बीकानेर से लगभग 30 किलोमीटर दूर देशनोक में है जबकि लालगढ़ पैलेस बीकानेर शहर में ही है ! फिर हमारी वापसी की ट्रेन आज रात को बीकानेर से ही थी, और हम नहीं चाहते थे कि शाम को ट्रेन पकड़ने के लिए किसी भी तरह की भागम-भाग हो ! देशनोक जाने के लिए हमें क्या सवारी मिलेगी, कहाँ से मिलेगी, यही सोचते हुए हम किले से बाहर जाने वाले मार्ग पर चल दिए ! आपकी जानकारी के लिए बता दूँ कि जूनागढ़ किले से बीकानेर बस अड्डे की दूरी लगभग 2 किलोमीटर है जहां से देशनोक के लिए नियमित अंतराल पर बसें चलती रहती है लेकिन ये बसें किले के पास स्थित एक चौराहे से होकर निकलती है ! इसलिए हम बस अड्डे ना जाकर इस चौराहे पर पहुंचे, और अगले 10 मिनट में ही देशनोक जाने के लिए एक बस आकर खड़ी हुई ! बस में बैठने से पहले हमने परिचालक से सुनिश्चित कर लिया कि ये बस करणी माता मंदिर जाने के लिए हमें देशनोक उतार देगी ! इस तरह हमने बीकानेर से देशनोक के लिए अपना आगे का सफर शुरू किया, बस रास्तों में कई जगह रुकी, इस बीच सवारियों का चढ़ना-उतरना भी जारी रहा !

करणी माता मंदिर की एक झलक